संत कबीर साहिब
संत कबीर साहिब संत कबीर साहिब कौन है आज तक हम यही सुनते आ रहे है और हमारे धर्म गुरुओं ने भी हमें यही बताया कि कबीर जी एक संत थे परन्तु उनकी वाणियो के भावार्थ को नहीं समझ पाएं। जबकि सच यह है कि कबीर साहेब जी स्वयं परमात्मा है जो कि सृष्टि के रचयिता कुल मालिक है जो आज से 600 वर्ष पूर्व काशी में लहरतारा नामक तालाब में कमल के फूल पर शिशु रुप में प्रकट हुए थे और नि: संतान दंपती (नीरु और नीमा) को मिले थे जो उनको घर ले जाकर उनका पालन पोषण किया था और उनकी परवरिश कुंवारी गाय के दूध से हुई थी उन्होंने मां का दूध नहीं पिया और वह आजीवन एक कवि तथा संत की भूमिका निभाये थे और अपने तत्वज्ञान का प्रचार करके 120 वर्ष तक अपनी लीला करके सशरीर सतलोक चले गए थे और हमारे धर्म गुरु कहते हैं कि परमात्मा निराकार है परमात्मा हमारे पापों का नाश नहीं करता जबकि हमारे सदग्रंथ बताते हैं कि परमात्मा साकार है राजा के समान दर्शनीय है और वह साधक के घोर से घोर पापों का भी नाश कर देता है जिनकी महिमा आज हमारे सभी धर्मों के सदग्रन्थ प्रमाणित कर रहे हैं जिसके लिए आप विजीट करें हमारी वेबसाइट 👇👇 www.jaga...